बस्तर जिले के लोहंडीगुड़ा ब्लाक के विश्व प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात के करीब स्थित ग्राम तोतार में मुगलकालीन चांदी के सिक्के मिले हैं। सिक्कों की कुल संख्या 206 है। सिक्के फिलहाल राजस्व विभाग के पास हैं, जिन्हें पुलिस को सौंपने की तैयारी की जा रही है। पार्वती नदी में सोने के व अन्य रियासतकालीन सिक्के मिलने की अफवाह के बीच बड़ी संख्या में ग्रामीण पार्वती नदी में खुदाई करने जा पहुंचे। यह खोदाई का कार्य दूसरे दिन शनिवार को फिर जारी है।

बता दें कि शुक्रवार शाम जगदलपुर के कुछ व्यवसायी अपने खेत की नपवाई कराने पहुंचे थे। वहां निशान बनाने के लिए गड्ढा खोदा गया तो सिक्के मिले। भूस्वामियों ने तुरंत तहसीलदार को बुलाया और ऐतिहासिक सिक्के प्रशासन को सौंप दिया। देर रात तक चली इस कार्रवाई की विधिवत रिपोर्ट अभी नहीं लिखी गई है। इन सिक्कों से मुगलकाल में बस्तर के इतिहास की जानकारी मिल सकती है।

लोग इस आस में खुदाई करने में जुटे हुए हैं कि उन्‍हें कोई खजाना मिल सकता है। इनमें बच्‍चे, बूढ़े और जवान सभी शामिल हैं। बता दें कि पार्वती नदी के समीप राजगढ़ व कुरावर सीमा पर शिवपुरा व गणेशपुरा गांव बसे हैं, जिनके लोग सोने के सिक्‍के खोजने में जुटे हैं। मामले की जानकारी लगने के बाद राजस्व की ओर से पटवारी जांच करने पहुंचे थे। शाम को थाना प्रभारी भी मौके पर पहुंचे थे। पुलिस के लाख समझाने के बावजूद लोग खुदाई करने से बाज नहीं आ रहा है।

उल्‍लेखनीय है कि पार्वती नदी के किनारे नाना साहब मराठा राजा की समाधि है। पुराने समय में इसी रास्ते से मुगलों के भी इसी रास्‍ते से निकलने की बात बुजुर्ग बताते रहे हैं। ऐसे में लोगों को यह अंदेशा है कि उसी समय यह सिक्के उन्होंने या तो यहां रखे होंगे या फिर गिर गए होंगे। यह भी संभावना जताई जा रही है कि उस समय पर किसी ने यहां सिक्‍के दबा दिए होंगे। हालांकि, सिक्‍कों की जांच के बाद ही सच्‍चाई सामने आएगी।

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