कोरोना महामारी ने स्वास्थ्य के अलावा अर्थव्यवस्था के बुनियाद तक को हिला दिया है। हर ओर नौकरी को लेकर संकट देखा जा रहा है। ऐसे समय में अमेजन इंडिया ने एक सर्वे किया है, सर्वे के मुताबिक, महामारी की वजह से भारतीय पेशेवर अपने करियर को लेकर ज्यादा चिंतित हैं और इस पर नए सिरे से सोच रहे हैं। इस सर्वे का उद्देश्य नौकरियों और भविष्य की करियर योजना पर कोविड-19 के प्रभाव का पता लगाना है। इस सर्वे को कंसल्ट ने अगस्त में देशभर में 1,000 पेशेवरों के बीच किया।

क्या हैं सर्वे के नतीजे

सर्वे में शामिल 59 फीसद पेशेवरों का कहना है कि वे नई नौकरी की तलाश में हैं। भारत में नौकरी तलाश रहे तीन में से दो से ज्यादा (68 फीसद) लोग कोविड-19 के कारण किसी दूसरे उद्योग में रोजगार तलाश रहे हैं। सर्वे के मुताबिक, कोविड-19 के कारण भारत में तीन में से एक से ज्यादा (35 फीसद) पेशेवरों के वेतन में कटौती की गई है।

56 फीसद सुरक्षित नौकरी की तलाश में

वहीं देश में नौकरी तलाश रहे तीन में से एक (33 फीसद) व्यक्ति को ऐसी नई नौकरी चाहिए, जहां पर वह ज्यादा उपयोगी काम कर सके। नौकरी तलाश में 51 फीसद भारतीय उन उद्योगों में अवसर तलाश रहे हैं, जिनमें उन्हें काम का कोई अनुभव नहीं है। सर्वे के अनुसार, महामारी के बाद 56 फीसद भारतीय पेशेवर नौकरी की सुरक्षा को अधिक महत्व दे रहे हैं। वहीं आधे यानी करीब 49 फीसद पेशेवर नौकरी के लिए उन अवसरों को ज्यादा महत्व देते हैं, जिनसे उन्हें सीखने और खुद का विकास करने में मदद मिले। वहीं 55 फीसद भारतीयों का कहना है कि उनके लिए नौकरी के लिए आवेदन करते समय सबसे ज्यादा महत्व मिलने वाला वेतन है।

90 फीसद कुछ नया सीखना चाहते हैं

सर्वे में शामिल 45 फीसद पेशेवरों ने कहा कि तकनीकी और डिजिटल कौशल करियर के विकास के लिए आवश्यक हैं। वहीं 38 फीसद का मानना है कि मार्केटिंग का कौशल करियर के विकास के लिए महत्वपूर्ण है। 47 फीसद भारतीय पेशेवरों के लिए नौकरी तलाशने के दौरान एक सुरक्षित वर्कप्लेस पर काम करना अत्यधिक महत्वपूर्ण है। सर्वे में शामिल 75 फीसद भारतीयों का मानना है कि उनका मौजूदा कौशल पांच साल में पुराना हो जाएगा। वहीं 90 फीसद पेशेवर कुछ नया सीखना चाहते हैं।

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