शहर के डिग्यिाना इलाके में रहने वाले तीन श्रमिकों की कश्मीर के पहलगाम इलाके में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। तीनों को एक ठेकेदार कश्मीर में पेंटर का काम करने के लिए अपने साथ करीब दस दिन पूर्व ले गया था। संदिग्ध परिस्थितियों में मारे गए श्रमिकों के परिवारवालों ने उप राज्यपाल से मामले में निष्पक्ष जांच करने की मांग की है।
डिग्यिाना के रूप नगर इलाके में रहने वाला चार बच्चों के पिता प्रदीप कुमार का शव कश्मीर के पहलगाम से जम्मू पहुंचा तो इलाके में मातम छा गया। कश्मीर पुलिस का दावा है कि प्रदीप और उसके दो साथियों ने थिनर पी लिया था, जिससे उनकी मौत हो हुई है। वहीं, इसके विपरीत परिवार ने कश्मीर पुलिस के दावे के विपरीत प्रदीप की हत्या होने की आशंका जताई है। प्रदीप की बेटी विशाली देवी ने बताया कि उनके कश्मीर पुलिस दावा कर रही है कि वहां शराब नहीं मिलती इस लिए उन के पिता ने अपनी शराब की लत को पूरा करने के लिए थिनर पी लिया है।
यह बात उन्हें रास नहीं आ रही। उसके पिता शराब पीते थे, लेकिन वह शराब के आदि नहीं थे। उनके परिवार में पत्नी, तीन बेटियां और एक बेटा है, वह कमाने वाले अकेले ही सदस्य थे। अब उसकी मौत के परिवार भूखमारी की कगार पर पहुंच गया है। उन्होंने उप राज्यपाल से उनके परिवार के एक सदस्य को रोजगार देने की मांग भी की।
पंद्रह हजार रुपये में एंबुलेंस में लाए शव: प्रदीप के परिवार वाला का आरोप है कि कश्मीर पुलिस ने उनकी पिता की मौत बारे उन्हें सहयोग नहीं दिया। इसके साथ कश्मीर के डाक्टरों ने भी उन पर तरस नहीं खाया। अनंतनाग अस्पताल में जा कर जब उन्होंने डाक्टरों से जम्मू में शव लाने के लिए एंबुलेंस देने को कहा तो डाक्टरों ने उन्हें एंबुलेंस नहीं दी। कश्मीर से कोई भी एंबुलेंस चालक शव को जम्मू लेकर आने के लिए तैयार नहीं हो रहा था। मजबूर होकर परिवार ने पंद्रह हजार रुपये देकर एक एंबुलेंस में शव को अंतिम संस्कार के लिए घर पर लाया। प्रदीप के साथ मारे गए दो अन्य श्रमिकों का शव अभी कश्मीर में ही है। उनके परिवार को शव जम्मू लाने में दिक्कत आ रही है।

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