सतवारी के मकवाल सेक्टर (फ्लाएं मंडाल) में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसएआइ द्वारा आतंकियों की मदद के लिए ड्रोन से हथियार फेंके जाने के मामले में जम्मू पुलिस ने कश्मीर के अनंतनाग से पुलिस कर्मी (सेलेक्शन ग्रेड कांस्टेबल) समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है। दोनों ओवर ग्राउंड वर्कर्स (ओजीडब्ल्यू) को गिरफ्तार कर पूछताछ के लिए जम्मू लाया गया।
पकड़े गए जम्मू कश्मीर पुलिस के सलेक्शन ग्रेड कांस्टेबल इशफाक मलिक पुत्र नजीर इशफाक निवासी वेरीनाग, अनंतनाग और उसके साथी गुलाम रसूल पुत्र हबीब उल्ला मीर निवासी अनंतनाग, कश्मीर पाकिस्तान में बैठे हैंडलर के संपर्क में थे। उन्हें यह जानकारी थी कि मकवाल सेक्टर में ड्रोन से हथियार फेंके गए थे। अब तक इस मामले में तीन लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

आइएसएआइ के हैंडलर ने सतवारी में फेंके गए हथियारों को जम्मू से कश्मीर तक पहुंचाने का जिम्मा इरफान अहमद भट्ट पुत्र फारूक अहमद निवासी वेरीनाग, अनंतनाग को मिला था। कश्मीर से इन हथियारों को आतंकी ठिकाने तक पहुंचाने का जिम्मा इन दोनों को मिला हुआ था। चूंकि पुलिस की वर्दी में आतंकियों के लिए काम करने वाले इशफाक पर कोई संदेह नहीं करेगा इस लिए उसे हथियार पहुंचाने का जिम्मा आईएसआई ने सौंपा गया था। जम्मू पुलिस ने इरफान अहमद बट को 12 अक्टूबर को अनंतनाग से गिरफ्तार कर जम्मू लाया था। अब उसके दो और साथियों को गिरफ्तार किया गया है।

ड्रोन से फेंके गए पैकेट से मिले थे घातक हथियार

जम्मू कश्मीर में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए पाकिस्तान कोई भी कोर कसर नहीं छोड़ रही। अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा पर सुरक्षा बलों की सख्ती के बाद अब पाकिस्तान से ड्रोन की मदद से हथियार भारत में भेजे जा रहे है। दो अक्टूबर को मकवाल सेक्टर में ड्रोन से पीले रंग का एक पैकेट फेंका गया था जिसमें सिंथेटिक धागा बंधा हुआ था। पैकेट में से एके 47, 3 मैगजीन, 30 राउंड और अमेरिका निर्मित टेलिस्कोप मिले थे।

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