26 जनवरी 2022 ,दिन बुधवार भारत देश के लिए एक खास,महत्वपूर्ण व ऐतिहासिक दिन रहा। आखिरकार 30 साल बाद फिर से कश्मीर के घंटाघर पर शान से भारत देश का तिरंगा फहराया गया इससे पहले सन् 1992 में भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने अपनी देशभक्ति की भावना और दृढ़ संकल्प के साथ,कश्मीर की धरती पर भारत देश का झंडा फहराया था या उस समय की बात है जब आतंकवाद की दहशत से कश्मीर की धरती कांप उठी थी और उग्रवाद अपनी चरम सीमा पर था ।

26 जनवरी,गणतंत्र दिवस के दिन एक बार फिर 30 साल बाद,एक एनजीओ ने ऐतिहासिक,साहसिक देशभक्ति का कार्य कर दिखाया दरअसल एक एनजीओ ने लाल चौक कश्मीर पर ध्वजारोहण समारोह का आयोजन किया और उस में सफल रहे।यह कार्य एडवोकेट साजिद यूसुफ शाह और सामाजिक राजनीतिक कार्यकर्ता साहिल बशीर भट द्वारा किया गया,जिसके चलते उन्होंने कश्मीर के घंटा घर पर शान से भारत देश का तिरंगा फहराया।

वह इस अवसर पर कार्यकर्ता साहिल बशीर ने कहा कि कल पाकिस्तानी समर्थक ऐसे हैं जो कश्मीर की धरती पर पाकिस्तान का झंडा फहराते आए हैं और जिनका मकसद केवल कश्मीर में अशांति फैलाना और कश्मीर की शांति को भंग करना है ।उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद से कश्मीर धरती पर जमीनी स्तर पर बहुत सारे ऐसे बदलाव देखे गए हैं,जिससे कश्मीर की जनता खुश है। उन्होंने कहा कि अक्सर मुझसे पूछा जाता था कि आखिर नया कश्मीर है क्या ?उन्होंने गर्व के साथ कहा कि आखिरकार 30 साल बाद घंटाघर के ऊपर देश का राष्ट्रीय ध्वज इस प्रश्न का उत्तर है।कश्मीर घाटी पर देश का राष्ट्रीय ध्वज नए कश्मीर का भाव है, नए कश्मीर का तात्पर्य है और नए कश्मीर की परिभाषा है ।जम्मू कश्मीर की जनता की मन की बात बताते हुए,उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जेके के लोग केवल अपना राष्ट्रीय ध्वज फहराता हुआ देखना चाहते हैं उन्हें पाकिस्तान का झंडा नहीं चाहिए। वह तो केवल अमन,शांति और विकास की मांग रखते हैं।

“पूरे भारत में केवल कश्मीर ही देश का वह हिस्सा था,जहां कुछ देशद्रोही तत्वों के दबाव के चलते राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराया जाता था।मैंने यह करने का फैसला किया और हमने मिलकर यह कर दिखाया”- एडवोकेट साजिद युसूफ
देश का झंडा फहराने के बाद एडवोकेट साजिद यूसुफ ने कहा कि पहले भी बहुत से लोगों ने इसे करने का साहस किया लेकिन केवल वह ही सफल रहें ।उन्होंने कहा कि 12 देश के सच्चे नागरिक होने के नाते अपना करते हुए निभाते हुए हमने यह कर दिखाया और वह अपने इस साहसिक कार्य से बहुत प्रसन्न है।

26 जनवरी,गणतंत्र दिवस के खास मौके पर जब कश्मीर की घाटी पर भारत का राष्ट्रीय ध्वज लहराया गया,इस खास अवसर पर एक मार्शल आर्ट कार्यक्रम भी आयोजित किया गया,जिसमें विभिन्न जिलों के छात्रों ने प्रतिभाग किया।आपको यह भी बता दें कि गणतंत्र दिवस के अवसर पर इस स्थान पर धारा 144 लागू की गई थी।

 

परमीत कौर

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