जम्मू—कश्मीर स्कूल शिक्षा विभाग ने काम के प्रति लापरवाही करने वाले अपने कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई का सिलसिला जारी रखा है! आप को बता दें कि ड्यूटी से बिना अनुमति लंबे समय से गायब दो और अध्यापिकाओं को विभाग ने सेवामुक्त कर दिया है। विभाग द्वारा लंबे समय से स्कूलों से गैर हाजिरी के कारण सेवामुक्त हुए अध्यापकों की कुल संख्या 30 हो चुकी है।
आप की जानकारी के लिए बता दे कि प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग में कई अध्यापक बीते लंबे समय से बिना अनुमति अवकाश ले रह है। माना यह भी जा रहा है कि इनमें से कुछ विदेश भी गए हैं। स्कूल शिक्षा विभाग ने बीते दाे माहीनों से ऐसे सभी अध्यापकों की छंटनी और मामलों की समीक्ष करने के बाद उन्हें सेवामुक्त करने का अभियान शुरू कर दिया है!इस मामलें में स्कूल शिक्षा निदेशालय कश्मीर से मिली जानकारी के मुताबिक सेवा मुक्त की गई दो और शिक्षिकाओं के नाम दिनाज राथर व महनाज रशीद हैं। इसमें दिनाज राथर श्रीनगर के बटमालू स्थित गल्र्ज हाई स्कूल में तैनात थी। वह पहली मार्च 2011 को बिना अनुमति अवकाश पर चली गई और तभी से अनुपस्थित पाई जा रही है! उनका कहना था कि नियमों के आधार पर कई बार ड्यूटी पर हाजिर होने के लिए सूचित किया गया है। इस संबंधित अखबार में भी नोटिस निकाले गए।
इसके साथ ही एक अन्य मामले में जिला बारामुला के अशपीर स्थित प्राथमिक पाठशाला मे तैनात अध्यापिका महनाज रशीद चार दिसंबर 2017 को तीन माह के अवकाश पर थी। पांच मार्च 2018 को डयूटी के लिए रिपोर्ट करना था,पर वह आज तक हाजिर नहीं हुई है। दिनाज राथर और महनाज रशीद ने एक भी नोटिस का जवाब नहीं देने के कारण उनको मजबूरन यह कार्रवाई करनी पड़ी! संबधित समिति ने इन दोनों अध्यापिकाओं के मामलों की जम्मू कश्मीर सेवा नियमों की रोशनी में समीक्षा भी की थी । जिसमें पाया गया कि दोनों सरकारी सेवा की इच्छुक नहीं है।इनकी पढ़ाने की कोई इच्छा नहीं है और इसलिए इन दोनों नौकरी से निकाला गया है!

 

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