जम्मू—कश्मीर में इन दिनों बरोजगारी एक बड़ा मुदृदा बन गई है! आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बार्डर बटालियन में भर्ती का इंतजार कर रहीं युवतियों की चिंता बढ़ती जा रही है। इसके साथ ही भर्ती के लिए लिखित परीक्षा करवाए जाने की मांग कर रही कुछ युवतियों का कहना था कि उनकी भर्ती नहीं होने से परिवार वाले भी परेशान होने लगे हैं। अब वे उन पर शादी का दबाव बना रहे हैं, क्योंकि परिवारवालों को चिंता हो रही है कि उनकी बेटियों की नौकरी भी नहीं लगी है और अब उनकी उम्र भी ज्यादा होने लगी है। इसके साथ ही युवतियों का कहना था कि वे तीन वर्ष से भर्ती का इंतजार कर रहे हैं लेकिन उन्हें बर्बाद किया जा रहा है! सरकार एक तरफ बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा देती है और दूसरी तरफ अपना अधिकार मांग रही बेटियों पर लाठियां चलाकर उन्हें पकड़कर बिठा दिया जाता है। इन युवतियों का आरोप था कि तवी पुल पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस का रवैया उनके खिलाफ काफी गलत रहा। उन्हें पकड़ कर पुलिस लाइन ले जाया गया, जहां देरशाम तक उन्हें मैदान में बिठाए रखा। बाद में उन्हें करीब सात बजे पुलिस ने कहा कि वे अब चले जाएं, लेकिन उस समय वे कहीं जा नहीं सकती थी। उनके कुछ साथी डोडा से थे, तो कुछ अखनूर, सुंदरबनी, राजौरी आदि इलाकों के थे।
पुलिस को उन्हें दिन को ही छोड़ देना चाहिए था ताकि वे लोग अपने घरों को जा सकते, लेकिन ऐसा जानबूझ कर नहीं किया गया। पुलिस ने उन्हें जानबूझ कर रात तक बिठाए रखा ताकि वे लोग घर जाने के लिए परेशान हों और दोबारा प्रदर्शन न करें।

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