जम्मू—कश्मीर में स्थायी किए जाने की मांग को लेकर पिछले दो दशकों से संघर्षरत जलशक्ति विभाग के डेलीवेजरों ने सोमवार को पुलिस की लाठियों का सामना करना पड़ा। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि विभाग के इन डेलीवेजरों ने प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री डा. जितेंद्र सिंह के गांधी नगर स्थित सरकारी आवास का घेराव करने का प्रयास किया और पुलिस ने इन्हें खदेड़ने के लिए लाठीचार्ज किया। लाठीचार्ज में हालांकि किसी के भी घायल होने की सूचना नहीं है। लाठीचार्ज से गुस्साएं इन डेलीवेजरों ने अब चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के जम्मू दौरे के दौरान भी वे उन्हें काली झंडियां दिखाएंगे क्योंकि मोदी व शाह ने अपने जम्मू दौरे के दौरान हर बार जम्मू-कश्मीर के डेलीवेजरों को पक्का करने का आश्वासन दिया है लेकिन जमीनी स्तर पर कुछ नहीं किया। वहीं, जलशक्ति विभाग के यह डेलीवेजर पीएचई इंप्लाइज यूनाइटेड फ्रंट के बैनर तले गांधी नगर लॉस्ट मोड़ पर एकत्रित हुए और वहां से इन डलीवेजरों ने डा. जितेंद्र सिंह के घर की तरफ कूच किया जहां पहले से काफी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात थे। डेलीवेजर भी काफी बढ़ी तादात में थे और धक्कामुक्की के बीच ये प्रदर्शनकारी डा. जितेंद्र सिंह के सरकारी आवास तक पहुंच गए जहां उन्हें खदेड़ने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। लाठीचार्ज से गुस्साएं इन डेलीवेजरों ने डा. जितेंद्र सिंह पर उनकी आवाज दबाने का प्रयास करने का आरोप लगाते हुए कहा कि डा. जितेंद्र सिंह डेलीवेजरों की मांग केंद्र सरकार तक पहुंचाने की बजाय उनके खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं। डेलीवेजरों के पास अपने परिवार को खिलाने के लिए रोटी नहीं है और बच्चों के स्कूल फीस देने के लिए पैसे नहीं। उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से उन्हें मात्र 6700 रुपये दिए जाते है और वो भी सालों तक नहीं दिए जाते। विभाग के डेलीवेजरों ने आने वाले दिनों में अपना आंदोलन और तेज करने व सभी भाजपा नेताओं के कार्यालयों व घरों का घेराव करने की चेतावनी भी दी।

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