जम्मू—कश्मीर में इन दिनों परिसीमन आयोग खूब चर्चा में है! इस बीच खबर यह आ रही है कि आयोग मार्च के अंतिम सप्ताह के दौरान प्रदेश के दौरा करने वाला है। साथ ही वह अपनी रिपोर्ट को जनसाधारण की प्रतिक्रिया, सुझाव और आपत्तियों के लिए सार्वजनिक करेगा। केंद्र शासित जम्मू कश्मीर प्रदेश में परिसीमन की प्रक्रिया को छह मई 2022 तक पूरा किया जाने वाला है। जम्मू —कश्मीर परिसीमन आयोग ने अपनी अंतरिम रिपोर्ट का संशोधित प्रारुप बीते सप्ताह ही सहयोगी सदस्यों को सौंपा है। जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम 2019 के तहत जम्मू कश्मीर में विधानसभा के गठन से पूर्व परिसीमन की प्रक्रिया को पूरा किया जाना है।बताया यह भी जा रहा है कि इस प्रक्रिया में जम्मू कश्मीर में विधानसभा क्षेत्रों की संख्या को 83 से 90 किया जाना वाला है। इसके केंद्र सरकार ने छह मार्च 2020 में जस्टिस सेवानिवृत्त रंजना देसाई की अध्यक्षता में परिसीमन आयोग बनाया, जिसके कार्याकाल में दो बार विस्तार दिया गया है। आयोग को छह मई 2022 तक अपनी अंतिम रिपोर्ट दाखिल करनी है। आयोग को सिर्फ जम्मू कश्मीर में उन्हीं सीटों के परिसीमन का अधिकार दिया गया है जिन पर चुनाव होता है। गुलाम कश्मीर के लिए आरक्षित सीटों का कोई परिसीमन नहीं हो रहा है। इन सीटों की संख्या 24 है। एकीकृत जम्मू कश्मीर राज्य जिसमें लद्दाख भी शामिल है, में सिर्फ 87 सीटों पर ही मतदान होता था। इनमेें से चार सीटें लद्दाख में थी।

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