आपकी जानकारी के लिए बता दें कि लाठीचार्ज की घटना के बाद जलशक्ति विभाग के अस्थायी कर्मचारी अब अगली नीति बनाने में लग गए हैं। इसके साथ ही अगर जल्दी ही सरकार ने इन कर्मियों को नियमित करने की कोई नीति नही बनाई तो यह कर्मी मई माह में पेयजल की आपूर्ति बंद कर सकते हैं।
बताया यह जा रहा है कि पीएचई इंप्लाइज फ्रंट के नेता होशियार सिंह ने पिछले दिन जलशक्ति विभाग के प्रदर्शन कर रहे अस्थायी कर्मियों पर किए गए लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की। वहीं कहा कि इस तरह की घटनाओं से अस्थायी कर्मियों के हौंसले टूट नही सकते। हमें जब तक हक नही मिलेगा, हम ऐसे ही आंदोलन करते रहेंगे।
साथ ही अगर सरकार ने अस्थायी कर्मियों को नियमित करने की कोई न कोई नीति नही बनाई तो 3 मई के बाद हम पानी की सप्लाई रोकने का कदम उठा सकते हैं। उन्होंने कहा कि लंबे अरसे से जलशक्ति विभाग के अस्थायी कर्मी सरकार से अपना हक मांग रहे हैं। मगर सरकार महज कोरे आश्वासन ही दे रही है। लेकिन अब ऐसा नही चलेगा। प्रशासन को वायदों का जवाब देना होगा। उन्होंने कहा कि 20-20 साल से कर्मी विभाग के साथ काम कर रहे हैं मगर वह आज भी दैनिक वेतनभाेगी ही हैं। इनको आज तक पक्का नही किया गया। सरकार इन लोगों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। कुछ कर्मी तो 60 साल की उम्र पार कर चुके हैं और अब वे घर में ही बैठें है।
अगर सरकार ने कोई निर्णय नही लिया तो बाकी के अस्थायी कर्मचारी भी उम्र की दहलीज पार कर जाएंगे और यह लोग घर वालों को ही जवाब नही दे पाएंगे। इसलिए सरकार से गुजारिश है कि बिना देरी किए अस्थायी कर्मियों को नियमित करने की नीति बनाए।
वहीं देश के अन्य केंद्र शासित प्रदेश की तरह जम्मू कश्मीर में भी न्यूनतम वेतन का अधिनियम लागू किया जाए। साथ ही लंबित वेतन जारी किया जाए।

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