आपकी जानकारी के लिए बता दें कि श्रीनगर के अली जान रोड स्थित ऐवा ब्रिज पर आतंकियों ने पुलिसकर्मी गुलाम हसन डार को गोली मार दी। इससे वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया। उसे उपचार के लिए स्थानीय अस्पताल ले जाया गया है। जानकारी के अनुसार आतंकी हमले की सूचना के बाद पूरे इलाके को सुरक्षाबलों ने अपने कब्जे में ले लिया है।आतंकियों की तलाश के लिए श्रीनगर के कई इलाकों में तलाशी अभियान चल रहा है। घायल पुलिसकर्मी के भाई ने बताया कि सुबह सात बजे वह ड्यूटी के लिए निकले थे।
दस मिनट बाद उन्हें घटना की जानकारी फोन से मिली। साथ ही वह पुलिस विभाग में चालक के तौर पर काम करते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि उनके भाई ने किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया है। घाटी में इस तरह की गलत हैं। पुलिस अधिकारी ने बताया कि घायल पुलिस कर्मी को उपचार के लिए भेजा गया है।
आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है। बीते माह 18 अप्रैल को पुलवामा में आतंकियों ने काकापोरा रेलवे स्टेशन के बाहर दुकान पर चाय पीने आए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के दो जवानों सब इंस्पेक्टर देवराज व हेड कांस्टेबल सुरिंदर सिंह को निशाना बनाकर पहले से घात लगाए आतंकियों ने काफी करीब से ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं। इसमें दोनों बुरी तरह घायल हो गए। खून से लथपथ होकर जमीन पर गिरे घायलों को तत्काल पास के अस्पताल में पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया।
सुरक्षा बलों, आम नागरिकों पर हो रहे लगातार हमले

आतंकियों की ओर से दक्षिण कश्मीर में सुरक्षा बलों, आम नागरिकों व गैर कश्मीरी मजदूरों को निशाना बनाने की घटना में तेजी आई है। तीन अप्रैल को पुलवामा के लिट्टर इलाके में पोल्ट्री वाहन के पठानकोट निवासी चालक-खलासी, पुलवामा के लोजूरा में चार अप्रैल को बिहार निवासी दो मजदूर मारे गए थे। चार अप्रैल को ही शोपियां के छोटीगाम में कश्मीरी पंडित दवा कारोबारी बाल कृष्ण की हत्या कर दी गई ।
सात अप्रैल को पुलवामा के याडर में पठानकोट निवासी एक मजदूर को आतंकियों ने गोली मारकर घायल कर दिया। 13 अप्रैल को राजपूत परिवार के एक व्यक्ति की आतंकियों ने हत्या कर दी। एक दिन बाद 15 अप्रैल को उत्तरी कश्मीर में एक सरपंच को आतंकियों ने निशाना बनाया। 18 अप्रैल को पुलवामा के काकापोरा में रेलवे सुरक्षा बल के दो जवानों को निशाना बनाया गया।

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