जम्मू। बेरोजगारी दर के मामले में जम्मू-कश्मीर देश में तीसरे पायदान पर बना हुआ है। मासिक स्तर पर बेरोजगारी के आंकड़ों का विश्लेषण करने वाली संस्था सेंटर फॉर मॉनीटरिंग इंडिया इकोनॉमी (सीएमआईआई) के अनुसार प्रदेश में बेरोजगारी दर की वार्षिक औसत 15 फीसदी के आसपास है। इस साल मार्च माह में यह दर रिकॉर्ड 25 फीसदी पर थी, जिसमें अप्रैल में कमी आई है। अप्रैल माह में जम्मू-कश्मीर की बेरोजगार दर 15.6 फीसदी रिकॉर्ड की गई है।
इससे पूर्व फरवरी में सबसे कम 13.2 फीसदी बेरोजगारी दर रही थी। सीएमआईआई के मुताबिक जनवरी में बेरोजगारी दर 15.2 फीसदी थी। इसके बाद फरवरी में 13.2 फीसदी रही। मार्च में बेरोजगारी दर रिकॉर्ड 25 फीसदी के स्तर पर दर्ज हुई। अप्रैल में बेेरोजगारी दर 15.6 फीसदी तक पहुंची है, जिससे प्रदेश देश में तीसरे स्थान पर है।


निजी क्षेत्र में रोजगार नहीं

प्रदेश में निजी क्षेत्र में रोजगार की बड़ी कमी है। सरकार प्रदेश में निजी निवेश के बड़े-बड़े दावे तो करती है, लेकिन जमीनी स्तर अभी तक कोई पहल नहीं हुई। प्रदेश में सरकारी नौकरी के अलावा युवाओं के पास रोजगार का अन्य कोई विकल्प नहीं है, लेकिन सरकारी भर्ती प्रक्रिया में देरी युवाओं के लिए बड़ी परेशानी का कारण है।

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