महाराष्ट्र के अमरावती में 21 जून को हुई केमिस्ट उमेश कोल्हे (54) की हत्‍या (Amravati chemist killing Case ) के मामले ने तूल पकड़ लिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस मामले की जांच अब राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण यानी एनआईए को सौंप दी है। मंत्रालय के प्रवक्ता ने ट्वीट कर बताया कि अब एनआईए केमिस्ट उमेश कोल्हे की हत्या के पीछे की साजिश की छानबीन करेगी। इस बीच उमेश कोल्हे के भाई महेश कोल्‍हे ने समाचार एजेंसी एएनआइ को वारदात के बारे में कई जानकारियां दी। महेश कोल्हे ने बताया कि 21 जून की रात को भाई हमेशा की तरह अपनी दुकान बंद करके घर जा रहे थे। उसी रात को बदमाशों ने उनको चाकू मार दिया। मुझे फोन आया कि उन्हें किसी ने चाकू मार दिया है लेकिन जब तक मैं वहां पहुंचा तो उनकी मौत हो चुकी थी। पुलिस की ओर से हमें अभी हत्या की वजहों का पता नहीं चल पाया है।
महेश कोल्हे ने कहा- मेरे भाई ने हमें कभी फोन पर धमकियां मिलने के बारे में नहीं बताया। हां इतना जरूर है कि उन्‍होंने कुछ व्हाट्सएप ग्रुपों में नुपुर शर्मा पर कुछ संदेश फारवर्ड किए थे। उन्‍होंने व्यक्तिगत रूप से किसी को ऐसे संदेश नहीं भेजे थे। हमें बताया गया है कि प्राथमिक जांच के दौरान 2-4 लोगों को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन कुछ समाचार पत्रों ने बिना उचित छानबीन यह खबर चला दी कि लूट या डकैती के चलते उनकी हत्‍या की गई थी लेकिन लूट, चोरी या डकैती जैसा तो कुछ हुआ ही नहीं था… वहीं केंद्रीय गृह मंत्रालय के प्रवक्‍ता ने बताया कि एनआईए इस घटना के तार अंतरराष्ट्रीय संगठनों से जुड़े होने के एंगल पर भी गहन छानबीन करेगी। मालूम हो कि 21 जून को हुई कोल्हे (54) की हत्या के के सिलसिले में अब तक कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गौर करने वाली बात यह कि हत्‍या के वक्‍त उमेश कोल्हे के पास बैग में 35,000 रुपये मौजूद थे जिसे आरोपित नहीं ले गए।

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