बॉलीवुड एक्टर आमिर खान अनचाहे कारणों से विवादों में हैं. दरअसल वे अपनी महत्वाकांक्षी फिल्म लाल सिंह चड्ढा की शूटिंग के सिलसिले में तुर्की पहुंचे हैं. उन्होंने रविवार को तुर्की के राष्ट्रपति की पत्नी एमीन एर्दोगन से मुलाकात भी की. तुर्की की राजधानी इस्तांबुल स्थित राष्ट्रपति भवन हुबेर मैंशन में हुई इस मुलाकात की तस्वीर को तुर्की की प्रथम महिला एमीन ने शेयर किया है. इस मुलाकात के बाद आमिर खान को आलोचना भी झेलनी पड़ रही है.

दरअसल तुर्की के राष्ट्रपति जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के खिलाफ बयान दे चुके हैं और यही कारण है कि आमिर और तुर्की की प्रथम महिला की मुलाकात के चलते भारत के सोशल मीडिया यूजर्स में नाराजगी देखने को मिल रही है.

सोशल मीडिया पर लोग इस मामले को साल 2018 में इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के भारत दौरे से भी जोड़कर देख रहे हैं. दरअसल उस समय नेतन्याहू ने बॉलीवुड की कई हस्तियों से मुलाकात की थी लेकिन शाहरुख खान, आमिर खान और सलमान खान ने इस मुलाकात का हिस्सा बनने से मना कर दिया था. सोशल मीडिया पर एक धड़े का ये भी मानना है कि इजरायल जो कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का साथ दे चुका है, उस देश के राष्ट्रपति से आमिर खान मिलने से मना कर चुके हैं वहीं वे तुर्की की प्रथम महिला के मेहमान बनकर खुश हैं. इस मामले में सोशल मीडिया पर कई तरह के रिएक्शन्स सामने आ रहे हैं.

पहले भी आमिर खान हो चुके हैं आलोचनाओं का शिकार

गौरतलब है कि आमिर खान अक्सर कट्टर हिंदूवादी संगठनों के निशाने पर रहे हैं. आमिर खान ने साल 2015 में असहिष्णुता से जुड़ा बयान दिया था जिसके चलते देश भर में बवाल हो गया था. इसके अलावा उनकी फिल्म पीके को लेकर भी हिंदूवादी संगठनों ने उन पर निशाना साधा था. बता दें कि कोरोना महामारी के कारण फिल्म लाल सिंह चड्ढा की शूटिंग को रोकना पड़ा था. इस फिल्म में आमिर खान के अलावा करीना कपूर खान भी काम कर रही हैं. ये फिल्म टॉम हैंक्स की मशहूर हॉलीवुड फिल्म फॉरेस्ट गंप का रीमेक है.

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