आपकी जानकारी के लिए बता देंं कि दूरदराज और सड़क मार्ग के अभाव के कारण और ग्रामीण स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध न होने से लोगों को आज भी मुसीबत का सामना करना पड़ता है। बता दें कि ऐसा ही वाकया सांबा के नड ब्लाक के अंतर्गत भूपनेरगढ़ गांव में हुआ। यहां एक गर्भवती महिला अंजू देवी पत्नी संजय कुमार निवासी को प्रसव पीड़ा होने पर परिवार के लोगों ने 108 नंबर पर फोन कर एंबुलेंस को बुलाया।
गांव में पहुंचने के लिए उचित मार्ग न होने पर एंबुलेंस वालों ने लोगों से महिला को गांव की नजदीकी सड़क मार्ग तक पहुंचने को कहा। परिवार वालों ने गांव के कुछ लोगों की मदद से महिला को चारपाई पर डाल दुर्गम मार्ग से होते हुए किसी तरह 3 किलोमीटर भूपनेरगढ़ से डूंगा गांव तक पहुंचाया, जहां पर एंबुलेंस उनका इंतजार कर रही थी। समय ज्यादा लगने के कारण महिला की हालत और बिगडऩे लगी। आनन-फानन में महिला को एंबुलेंस में बैठाकर अस्पताल की तरफ ले जाया ही जा रहा था कि उसने ने रास्ते में एंबुलेंस में ही एक नन्ही बच्ची को जन्म दिया। गनीमत यह रही कि गर्भवती महिला और बच्ची दोनों स्वस्थ और सकुशल हंैं।

डिस्पेंसरी और डाक्टर होते तो न आती समस्या :

गांव के लोगों का कहना है कि अगर उनके गांव तक वाहन उपयुक्त मार्ग होता या गांव में डिस्पेंसरी व डाक्टर होते तो आए दिन गांव के लोगों को इस तरह के अनचाहे हालात का सामना न करना पड़ता। सांबा जिले भर में अभी भी ऐसे कई गांव हैैं जो कि सड़क जैसी मूलभूत सुविधा से अभी भी वंचित हैं। वहीं, जच्चा-बच्चा को सांबा जिला अस्पताल लाया गया, जहां पर उनका उपचार चल रहा है। उपचार कर रहे डाक्टर ने बताया कि दोनों को अपनी निगरानी में रखा गया है। जच्चा और बच्चा स्वस्थ हैं।

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