आपकी जानकारी के लिए बता दें कि वर्षा के बाद जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर ताजा भूस्खलन और कई कई क्षेत्रों में फिसलन के कारण शुक्रवार को जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग बंद कर दिया गया है। जिसके चलते शुक्रवार सुबह भगवती नगर जम्मू स्थित आधार शिविर से निकला श्री अमरनाथ यात्रा का जत्था चंद्रकोट रातबन में रोक लिया गया है। प्रबंधन का कहना है कि रास्ता साफ होते ही श्रद्धालुओं को आगे रवाना कर दिया जाएगा।
इसके साथ ही ट्रैफिक कंट्रोल रूम रामबन से मिली जानकारी अनुसार सड़क साफ करने का कार्य जारी है। मौसम साफ होते ही जैसे ही रामबन क्षेत्र में हुए भूस्खलन का मलवा हटाया जाता है।दोनों तरफ से फंसी गाड़ियों को निकाला जाएगा।रामबन से बनिहाल के बीच हुए भूस्खलन को हटाने में छह से सात घुंटे लगने की संभावना है। उन्होंने कहा कि सड़क साफ होने तक दोनों ओर से कोई भी नया वाहन नहीं चलने दिया जाएगा।
इस बीच, श्रीनगर-सोनमर्ग-गुमुरी, एसएसजी, सड़क को भी जोजिला अक्ष के रखरखाव और मरम्मत के मद्देनजर वाहनों की आवाजाही के लिए बंद कर दिया गया है। अधिकारी ने कहा कि जम्मू क्षेत्र के राजौरी और पुंछ जिलों को दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले से जोड़ने वाले ऐ
सुबह करीब सात बजे के करीब कई क्षेत्रों में वर्षा शुरू हो गई। वर्षा से पहले काफी उमस थी। बादन छाने के बाद मौसम हल्का राहत भरा हुआ। सात बजे के करीब वर्षा शुरू हो गई। इससे मौसम राहत भरा हो गया है।पिछले 12 घंटों में जम्मू में 7.2 एमएम, बटोत में 15.2 एमएम, गुलमर्ग में 12.6 एमएम वर्षा दर्ज की गई।
जानकारी के अनुसार मौसम विज्ञान केंद्र, श्रीगनर से मिली जानकारी अनुसार अगले तीन दिनों तक बीच-बीच में वर्षा के आसार हैं। वहीं मौसम को देखते हुए सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग ने भी वर्षा के दौरान नदी, नालों, दरिया से दूर रहने की चेतावनी दी है। हालांकि अभी तक चिनाब, तवी में जल स्तर खतरे निशान से बहुत नीचे है।ऊपरी क्षेत्रों धीरे-धीरे जल स्तर बढ़ने की संभावना है।दोपहर बाद मौसम साफ होगा। जिससे उमस एक बार फिर रंग दिखाएगी।

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