हमेशा अपने अपने एक कहावत सुनी ही होगी जिसमें दूसरों को नसीहत खुद मियां फजीहत यह कहावत जम्मू ट्रैफिक पुलिस के असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर गंधर्व चंद थापा के लिए सटीक बैठती है। ट्रैफिक पुलिस में सिंघम के नाम से पहचाने जाने वाले एएसआई थापा की तैनाती शहर के जिस भी हिस्से में होती है वह वहां यातायात नियमों का सख्ती से पालन करवाने के लिए जाने जाते है।
एक मामले में यही कारण है कि एएसआई थापा की इस सख्ती के कारण ट्रैफिक पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें शहर के किसी भी हिस्से में जा कर नाका लगाने की छूट दी है। वह कही भी नाका लगा कर यातायात नियमों का पालन ना करने वालों पर सख्त कार्रवाई कर सकता है। थापा अपनी ड्यूटी के दौरान अवैध पार्किंग पर सख्ती से कार्रवाई करते है। एएसआई थापा की इस कार्रवाई से शहर के दुकानदार परेशान रहते है।
उनका कहना है कि यदि कोई ग्राहक उनकी दुकान पर सामान लेने आता है और गाड़ी को दुकान के बाहर पार्क करते है तो एएसआई थापा वहां पहुंच कर उनका चालान काट देते है। एएसआई थापा की इसी सख्ती से परेशान लोअर गुम्मट के दुकानदारों एकजुट हुए है और उन्होंने थापा को ही घेर लिया। दुकानदारों ने एएसआई थापा की नौ पार्किंग जोन में खड़ी सरकारी गाड़ी को घेर लिया।जिस सरकारी गाड़ी को एएसआई थापा चला रहा था कि जब एम-परिवाहन एम में जांच की तो पता चला कि उक्त वाहन का ना तो इंशोरेंस है, ना ही प्रदूषण प्रमाण पत्र था। इतना ही नहीं जब दुकानदारों के दबाव के बाद थापा को अपना ड्राइविंग लाइसेंस दिखा तोड़ा तो वह भी एक्सपायर हो चुका था। इसके बाद दुकानदारों ने ट्रैफिक पुलिस और एएसआई जीसी थापा के विरुद्ध नारेबाजी करनी शुरू कर दी। खुद को फंसता हुआ देखा एएसआई थापा वहां से अपनी सरकारी गाड़ी को लेकर भाग निकला।

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