आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कि सभी न्यायिक कार्य एक छत के नीचे लाने के लिए बहुमंजिला इमारत बनाने की मांग को लेकर पिछले एक महीने से हड़ताल पर गए वकीलों की मुश्किलें बढ़ गई है। जम्मू.कश्मीर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने 29 अगस्त को जम्मू बंद का आह्वान किया है।
यह आह्वान एक सप्ताह पूर्व किया गया ताकि प्रशासन को उनकी मांग पूरी करने या बातचीत करने का पर्याप्त अवसर मिल सके। इस एक सप्ताह में अभी तक बातचीत से कोई मसला हल नहीं हुआ और अब जम्मू.कश्मीर हाईकोर्ट ने वकीलों को तत्काल काम पर लौटने का निर्देश दिया है। हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल संजीव गुप्ता की ओर से जारी इस आदेश में बार एसोसिएशन के सभी पदाधिकारियों व कार्यकारी सदस्यों को तत्काल अपने काम पर लौटने का निर्देश दिया गया है। इसके संबंधित जारी इस आदेश में कहा गया है कि चीफ जस्टिस ने वकीलों की मांग पर बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों से बैठक की थी और उन्होंने भी यह इच्छा जताई थी कि सभी ट्रिब्यूनल के लिए एक बहुमंजिला इमारत बननी चाहिए और इसके लिए सभी संबंधित पक्षों से बातचीत होनी चाहिए।
विशेष रूप से सरकार से चर्चा होनी चाहिए जिसने ढांचा व मानव क्षमता उपलब्ध करवानी है। आदेश में कहा गया कि हाईकोर्ट ने हमेशा उपलब्ध संसाधनों के बीच बेहतर व्यवस्था देने का प्रयास किया है लेकिन यह दुख की बात है कि बार एसोसिएशन ने हाईकोर्ट के सहयोगपूर्ण रवैये के बावजूद आंदोलन का रास्ता अपनाया।

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