आपकी जानकारी के लिए बता दें कि चाबर यह है कि स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रशासनिक सचिव भूपेंद्र कुमार ने प्रधानमंत्री टीबी मुक्त अभियान के तहत चल रहे राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन अभियान की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को इस अभियान को जनांदोलन बनाकर पूरे जम्मू.कश्मीर को टीबी मुक्त बनाने को कहा।
जानकारी के अनुसार इस काय्रक्रम के तहत पूरे देश को वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त बनाना था। उन्होंने कहा कि जम्मू.कश्मीर को भी हर हाल में इस तय समय अवधि में टीबी मुक्त बनाना है। टीबी का इलाज करवा रहे मरीजों को निक्षय पोरूाण अभियान के तहत पाेषण निदान की सुविधा भी दी जा रही है।उन्होंने टीबी को खत्म करने के लिए जनभागीदारी पर जोर दिया।
उन्होंने डिवीजनल नोडल अधिकारियों और प्रोग्राम अधिकारियों को टीबी के मामलों की निगरानी करने को कहा। उनका इलाज और मरीज का पता लगते ही सभी को अभियान में शामिल करने को कहा। उन्होंने गैर सरकारी संगठनों व अन्य को भी टीबी के इलाज में मदद लेने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि कोविड के इलाज में समाज के हर वर्ग ने अपना योगदान दिया। इसी तरह का योगदान टीबी को खत्म करने के लिए भी लाना चाहिए।
इसके साथ ही उन्होंने लोगों में जागरूकता पैदा करने के लिए अभियान चलाने को कहा ताकि उन्हें यह जानकारी मिल सके कि सरकारी अस्पतालों में इसका इलाज निशुल्क मिलता है। बैठक में मिशन निदेशक नेशनल हेल्थ मिशन आयुषी सूदनए स्वास्थ्य निेदशक सहित कई अधिकारी मौजूद थे।
ठोस कचरे के प्रबंधन में ले स्वयं सहायता समूहों की सहायता रू मिशन निदेशक जम्मू कश्मीर ग्रामीण आजीविका मिशन इंदु कंवल चिब ने मंगलवार को प्रदेश में ठोस कचरे के प्रबंधनको लेकर स्वयं सहायता समूह के सदस्यों के साथ एक बैठक की।बीस से अधिक प्रशिक्षित स्वयं सहायता समूह के सदस्यों की बैठक की अध्यक्षता करते हुएए मिशन निदेशक ने इन समूहों के सदस्यों को ठोस कचरे के संग्रह और उसके प्रबंधन के लिए योजना तैयार करने के लिए स्वयं सहायता समूह के सदस्यों को शामिल करने को कहा।उन्होंने एसएचजी सदस्यों को अपनेण्अपने गांवों में ठोस कचरे का उचित सर्वेक्षण करने और राष्ट्रीय ग्रामीण विकास और पंचायती राज संस्थान हैदराबाद में सीखी गई तकनीकों और प्रथाओं के अनुसार इसके प्रबंधन की योजना बनाने का निर्देश दिया। मिशन निदेशक ने प्रशिक्षित एसएचजी सदस्यों से समाज के सबसे कमजोर वर्ग की पहचान करने और उन्हें गतिविधियों में शामिल करने का आग्रह किया ताकि वे इस मंच का उपयोग आजीविका सृजन के लिए कर सकें।

 

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