आपकी जानकारी के लिए बता दें कि खबर यह है कि से नई दिल्ली और बिहार व उत्तर प्रदेश से हरियाणा होते पंजाब जाने वालीं ढाई सौ ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। इन ट्रेनों में राजकीय रेलवे पुलिस ;जीआरपीद्ध और रेलवे सुरक्षा बल ;आरपीएफ में से किसी की भी टीम गश्त नहीं करती। इसका कारण जवानों की कमी है। ट्रेनें और यात्रियों की संख्या में इजाफा तो हो गया हैए लेकिन सुरक्षा कर्मियों की संख्या नहीं बढ़ाई गई। जीआरपी 1462 जवान होते थेए अब उनकी संख्या घटकर 981 हो चुकी है।

20 डिब्‍बों में दो जवानों की ड्यूटी

इस कारण 16 से 20 डिब्बों वाली ट्रेन में महज दो जवानों की ड्यूटी लगाई जा रही है। पिछले दिनों एक महिला यात्री को ट्रेन से अराजक तत्वों ने ट्रेन से नीचे फेक दिया था। ट्रेनों में कम जवानों की संख्या को लेकर जीआरपी की एसपी ;हरियाणाद्ध संगीता कालिया से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गयाए लेकिन उन्होंने काल नहीं रिसीव की।

हरियाणा में हैं 1596 किलोमीटर में फैला है रेल ट्रैक

हरियाणा में 1596 किलोमीटर में फैला हुआ हैए जिसमें 220 स्टेशन हैं। जीआरपी को 355 ट्रेनों में गश्त भी करनी हैए लेकिन महज 981 पुलिस कर्मचारी इसके लिए नाकाफी हैं। प्रदेश भर में 25 पुलिस चौकियां और 16 थाने हैं। इन थानों में गेट पर खड़े करने के लिए कांस्टेबल तक नहीं हैं। कांस्टेबल की संख्या 1060 होनी चाहिएण् लेकिन यहां पर 731 से ही काम चलाया जा रहा है। हेडकांस्टेबल की संख्या 198 की जगह 88ए एएसआइ की 133 की जगह 126ए एसआइ की 47 की जगह 23ए इंस्पेक्टर की 20 की जगह आठ की तैनाती है।

481 ट्रेनों में से 250 भगवान भरोसे

लंबी दूरी की आ रही ट्रेनों में से 481 में से 250 ट्रेनों में सुरक्षा कर्मी नहीं होते। 126 ट्रेनों में आरपीएफ के जवानों से गस्त कराई जा रही है। 125 ट्रेनों में जीआरपी के जवान गश्त करते हैं। आरपीएफ की गश्त एक एएसआइ के नेतृत्व में चार कर्मचारियों की होती है। जीआरपी के दो कर्मचारी गश्त करते हैं। इसी तरह पंजाब में भी करीब 288 ट्रेनें अप और डाउन की हैंए जिनमें से 136 में जीआरपी और करीब 52 में आरपीएफ हैंए जबकि अन्य ट्रेनों में यात्री सुरक्षा भगवान भरोसे ही है।

350 कांस्टेबल जिलों में गएए पर लौटे नहीं

हरियाणा जीआरपी में यात्रियों की सुरक्षा के लिए ही स्पेशल 350 कांस्टेबल की भर्ती की गई थी। इस भर्ती की प्रक्रिया जीआरपी में हुई थीए लेकिन बाद में इनको जिलों में तैनात कर दिया गया था। कर्मचारियों को वापस जीआरपी में लाने के लिए एसपी से लेकर आइजी तक ने पत्राचार कियाए लेकिन उनकी जीआरपी में वापसी नहीं हुई।

कहीं कोई चेकिंग नहीं

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