आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अनुच्छेद 370 की समाप्ति के बाद लगातार काम कर रहा उपराज्यपाल प्रशासन बड़े बड़े दावे कर रहा है! उपराज्यपाल प्रशासन की तरफ से जम्मू कश्मीर प्रदेश प्रशासन का दावा है कि उद्यमिता के लिए पारिस्थितिक तंत्र को स्थापित करने के लिए प्रदेश सरकार ने दो आयामी रणनीति पर काम शुरु कर दिया है। स्थानीय युवाओं को विभिन्न योजनाओं के जरिए उद्यम लगाने, स्वरोजगार अपनाने के लिए जहां प्रोत्साहित किया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ देश.विदेश के प्रतिष्ठित उद्योगपतियों और निवेशकों को जम्मू कश्मीर में निवेश करने के लिए आकर्षित किया जा रहा है।
स्थानीय युवाओं को नौकर बनने के बजाय उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन व सहयोग प्रदान कर नौकरी देने वाला बनाया जा रहा है। अपनी इसी रणनीति के तहत प्रदेश सरकार 53299 इच्छुक युवा उद्यमियों को 1840 करोड़ रूपये की वित्तीय मदद व ऋण विभिन्न बैंकों के जरिए उपलब्ध करा चुकी है।केंद्रीय गृहमंत्रालय ने भी हाल ही में एक बयान जारी कर बताया है कि जम्मू कश्मीर में बीते तीन साल के दौरान स्वरोजगार की विभिन्न योजनाओं के तहत 5.2 लाख नौकरियां सृजित की गई हैं।
जम्मू कश्मीर प्रदेश प्रशसन ने 29806 लोगों को सरकारी रोजगार भी दिया है। स्थानीय युवाओं में उद्यमशीलता की भावना को विकसित करने में जम्मू कश्मीर सरकार का मिशन युवा कार्यक्रम क्रांतिकारी सिद्ध हुआ है। इसके अंतर्गत मुमकिन, तेजस्विनीए राइज टुगैदर, परवाज, हौंसला, साथ, उम्मीद जैसी कई रोजगारोन्मुख व उद्यमशीलता की योजनाएं शुरु की गई हैं। इनके जरिए युवा लड़के और लड़कियों को उद्यमी बनने के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। हौसलाए साथए उम्मीद और हाउस स्टे कार्यक्रमों के माध्यम से शहरी और ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत, जम्मू और कश्मीर पिछले वित्तीय वर्ष में 21,640 विनिर्माण और सेवा इकाइयों की स्थापना करने में सफल रहा हैए जिससे देश में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले क्षेत्र के रूप में उभरा है। इस कार्यक्रम के तहत 1.73 लाख नए रोजगार के अवसर पैदा हुएए जो भारत के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सबसे अधिक है।

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